सिकल सेल एनीमिया की पहचान, जागरूकता और नियंत्रण
In Collaboration with CCL (Central Coalfields Limited)
सिकल सेल एनीमिया खून की एक बीमारी है, जो माता-पिता से बच्चे में आती है। यह लाल रक्त कोशिकाओं (RBC) को प्रभावित करता है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी विभिन्न समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इस बीमारी में खून की लाल कोशिकाएं गोल नहीं होकर चाँद की तरह टेढ़ी-मेढ़ी (अर्धचंद्राकार/हंसिया) हो जाती हैं। ये कोशिकाएं खून में अच्छे से नहीं बहतीं, जिससे शरीर को ऑक्सीजन की कमी हो जाती है और कई दिक्कतें होती हैं।
जब किसी बच्चे को माँ और पिता दोनों से एक खास तरह का खराब जीन (जिसे HBB जीन कहा जाता है) मिल जाता है, तब उसे सिकल सेल एनीमिया हो सकता है। यह जीन शरीर में खून के लिए जरूरी हीमोग्लोबिन को बदल देता है। हीमोग्लोबिन वह चीज है जो खून में ऑक्सीजन पहुँचाने का काम करती है। जब यह ठीक से काम नहीं करता, तो शरीर को पूरा ऑक्सीजन नहीं मिल पाता और तब कमजोरी, दर्द और दूसरी दिक्कतें शुरू हो जाती हैं।
सिकल सेल एनीमिया की पहचान खून की जांच से की जाती है। इसमें एक खास जाँच (जिसे हीमोग्लोबिन इलेक्ट्रोफोरेसिस कहते हैं) होती है, जो खून में खराब हीमोग्लोबिन को पहचानती है।
सिकल सेल एनीमिया खून के एक बीमारी हय, जे माता-पिता से संतान में चल जाथे। ई रोग में खून के लाल कण (RBC) बदल जाथे आऊँ चाँद जइसन टेढ़ा-मेढ़ा हो जाथे। एकरा से खून ठीक से ना बहे पावऽ हय आऊँ देह में ऑक्सीजन के कमी हो जाथे, जेसे बहुत दिक्कत हो सकऽ हय।
ई रोग तब होवऽ हय जब HBB जीन में बदलाव हो जाथे। अगर ई खराब जीन माई आऊँ बाप दुनों से मिल जाथे, तब सिकल सेल एनीमिया हो जाथे।
थकावट आऊँ कमजोरी, दर्द के दौरा (क्राइसिस), हाथ-गाँव में सूजन, बार-बार बेमारी, बचपन में बिकास धीमा, आँख से देखे में दिक्कत।
खून के जांच से पता चल सकऽ हय। इलाज लेल दर्द कम करे वाला दवा, हाइड्रॉक्सीयूरिया, खून चढ़ावऽ, या बोन मैरो ट्रांसप्लांट हय।